जबलपुर में नरवाई जलाने पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना, 60 दिनों के लिए प्रतिबंध

जबलपुर। जिले में खेतों में नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक कदम उठाए हैं। जारी जानकारी के अनुसार, नरवाई जलाने पर 60 दिनों के लिए प्रतिबंध लगाया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसानों पर भूमि के रकबे के अनुसार 15 हजार रुपये तक का पर्यावरण क्षतिपूर्ति अर्थदंड लगाया जा सकता है।
रकबे के हिसाब से लगेगा जुर्माना
नरवाई जलाने पर निर्धारित पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि का विवरण इस प्रकार है:
- 2 एकड़ से कम भूमि: 2,500 रुपये प्रति घटना।
- 2 से 5 एकड़ तक भूमि: 5,000 रुपये प्रति घटना।
- 5 एकड़ से अधिक भूमि: 15,000 रुपये प्रति घटना।
इसके अलावा प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई भी की जा सकती है।
नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरता पर असर
खेतों में फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है। इससे मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्म जीव प्रभावित होते हैं और भूमि की उर्वरता को नुकसान पहुंच सकता है। खेतों के आसपास आग फैलने से फसलों, पेड़-पौधों और अन्य संपत्ति को भी खतरा रहता है।
किसानों से वैकल्पिक उपाय अपनाने की अपील
किसानों को सलाह दी जाती है कि वे नरवाई जलाने के बजाय उसका उपयोग पशुओं के चारे, भूसा बनाने, मल्चिंग या कृषि यंत्रों की मदद से फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाने के लिए करें। इससे पर्यावरण को होने वाले नुकसान को कम करने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
महत्वपूर्ण: जबलपुर जिले में प्रतिबंध की सटीक अवधि और आदेश लागू होने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही खबर प्रकाशित करें। उपलब्ध स्रोतों में मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध और रकबे के अनुसार अर्थदंड का प्रावधान मिलता है, लेकिन जबलपुर के 60 दिनों वाले आदेश की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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