पाकिस्तान में स्मार्ट लॉकडाउन की तैयारी, पेट्रोल-डीजल महंगा होने से बढ़ी चिंता

पाकिस्तान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और ईंधन व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बीच पाकिस्तान सरकार ईंधन की खपत कम करने के लिए कई उपायों पर विचार कर रही है। इनमें ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ का विकल्प भी चर्चा में आया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने परिवहन क्षेत्र में ईंधन की खपत कम करने से जुड़े प्रस्तावों की समीक्षा की है। सरकार की ओर से सरकारी और निजी क्षेत्र में कामकाज के तरीकों में बदलाव समेत कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री मुसादिक मलिक ने ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि ऐसी किसी योजना पर चर्चा नहीं हुई।

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से आम लोगों और परिवहन क्षेत्र पर दबाव बढ़ा है। हालिया बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल की कीमत 384.34 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर, जबकि हाई-स्पीड डीजल की कीमत 415.83 रुपये प्रति लीटर तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है।
इससे पहले भी पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को ईंधन बाजार में अस्थिरता की प्रमुख वजहों में गिना जा रहा है।

कामकाज के समय में बदलाव पर भी विचार
ईंधन की खपत कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार सरकारी और निजी कार्यालयों के कामकाज के समय में बदलाव जैसे उपायों पर भी विचार कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार, सप्ताह में कुछ दिनों कार्यालयों का काम सीमित करने या वर्क फ्रॉम होम जैसे विकल्पों पर भी चर्चा की जा रही है।
फिलहाल ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस संबंध में कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है।