यह बदलाव केवल नई परियोजनाओं का नहीं, बल्कि औद्योगिक सोच में आए परिवर्तन का संकेत है। पहले निवेश का मतलब नई फैक्ट्री, उत्पादन इकाई या औद्योगिक प्लांट होता था। अब निवेश की नई सूची में डाटा सेंटर, एआइ, क्लाउड सेवाएं, सेमीकंडक्टर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर शामिल हो चुके हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था में इंदौर को आईटी पार्क से मिलेगा ‘दिमाग’ और भोपाल को एआई-रेडी डाटा सेंटर से ‘याददाश्त’



