अब कोई भी छात्र महज किसी एनआरआई रिश्तेदार के नाम का हवाला देकर इस कोटे का लाभ नहीं उठा सकेगा। नए नियमों के तहत उम्मीदवारों को यह कानूनी रूप से साबित करना होगा कि संबंधित एनआरआई व्यक्ति ही उनका वास्तविक अभिभावक है।
मध्य प्रदेश में मेडिकल नियमों में बड़ा फेरबदल, एनआरआई सीटों के लिए दिखाना होगा कानूनी गार्जियन होने का सबूत



